Monday, October 18

हेमंत सोरेन के बयान पर उ’ठा सियासी तू’फा’न, बाबूलाल मरांडी का प’लटवा’र, मुख्यमंत्री को दिया ये ज’वाब

रांची : भोजपुरी और मगही भाषा को लेकर झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन (Jharkhand CM Hemant Soren) द्वारा दिए गये बयान के बाद प्रदेश की सियासत ग’र’मा गई है। इस म’सले पर अब बीजेपी (BJP) ने मो’र्चा खो’ल दिया है। पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक दल के नेता बाबूलाल मरांडी (EX CM Babulal Marandi) ने हेमंत सोरेन पर ती’खा प’लटवा’र किया है।

बाबूलाल मरांडी का प’लटवा’र

बीजेपी विधायक दल के नेता और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी (EX CM Babulal Marandi) ने कहा है कि भाषा की वजह से कभी कोई स’मस्या नहीं होती। उन्होंने कहा कि उनका क्षेत्र बिहार के नवादा से सटा हुआ है लिहाजा यहां मगही का बो’लबा’ला है। भाषा की वजह से कभी कोई स’मस्या नहीं हुई।

विदित है कि भोजपुरी और मगही को लेकर झारखण्ड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन का अ’जीबो-ग’रीब बयान सामने आया है। उन्होंने भोजपुरी और मगही को बा’हरी भाषा बताया है और कहा है कि दोनों भाषाएं बोलने वाले लोग डो’मिने’ट (Dominate) करते हैं।

हेमंत सोरेन का वि’वादि’त बयान

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेने ने भोजपुरी और मगही को बॉ’रो लैंग्वेज करा’र दिया है। ये दोनों भाषाएं झारखण्ड की नहीं है। इसके साथ ही उन्होंने कहा है कि झारखण्ड आं’दोल’न के वक्त भोजपुरी में लो’गों को गा’ली दी जाती थी। आ’दिवा’सी और क्षेत्रीय भाषाओं के दम पर जं’ग ल’ड़ी गई।

हेमंत सोरेन ने कहा है कि भोजपुरी और मगही यहां का रिजनल लैंग्वेज नहीं है। भोजपुरी और मगही बोलने वाले लोग डो’मिनेटिं’ग (Dominating) होते हैं। ये भाषा बिहार की है बल्कि झारखण्ड की नहीं है। झारखण्ड का “बि’हारीक’रण” क्यों हो?

“झारखण्ड का बि’हारीकर’ण क्यों”

हेमंत सोरेन ने कहा है कि जब झारखण्ड आं’दोल’न हो रहा था तो आं’दोलकारि’यों की छा’ती पर पै’र रखकर और म’हिला’ओं की इ’ज्जत लू’ट’ते वक्त भोजपुरी भाषा में गा’ली दी जा’ती थी। ये आं’दोलनका’री अब भी जिं’दा हैं। भोजपुरी और मगही भाषा की बदौलत ये जं’ग नहीं ल’ड़ी गई थी।

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