पटना : बिहार के डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने आज बिहार विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2021-22 का अपना पहला बजट पेश किया। इस दौरान उन्होंने कोरोना काल और लॉकडाउन का भी जिक्र किया। साथ ही इस वक्त में नीतीश सरकार ने बिहार की जनता के लिए क्या काम किया, उसका भी उन्होंने बखान किया।

बजट को बताया सर्वांगीण बजट

बिहार का बजट पेश करते हुए इसे तारकिशोर प्रसाद ने सर्वांगीण बजट करार दिया और कहा कि बिहार में 20 लाख से ज्यादा रोजगार के नए अवसर सृजित किये जाएंगे। 5 जिलों में फार्मेसी कॉलेज खोले जाएंगे. राज्य में एक और नए इंजीनियरिंग कॉलेज की स्थापना की जाएगी. हर जिले में मेगा स्किल सेटर बना युवाओं के रोजगार के लिए मौके बढ़ाए जाएंगे. बिहार में मछलीपालन को इतना बढ़ाया जाएगा कि यहां की मछली दूसरे राज्यों में जाएगी।

सात निश्चय पार्ट-2 का जिक्र

बिहार के विकास के लिए सात निश्चय पार्ट – 2 योजना की शुरुआत की गई है। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए 4,671 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। ‘युवा शक्ति बिहार की प्रगति’ के तहत पुराने और नए आईटीआई संस्थानों को आधुनिक बनाया जायेगा. बिहार उद्यमिता को बढ़ावा दिया जाएगा. बिहार के हर जिले में मेगा स्किल खोला जाएगा और प्रशिक्षण की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया जायेगा. उच्चस्तरीय फोर एक्सीलेंस का निर्माण कराया जाएगा. युवाओं को रोजगार में आसानी होगी. हर प्रमंडल में टूल रूम बनाया जाएगा. युवाओं को तकनीकी शिक्षा हिंदी में दिलवाने का प्रयास किया जाएगा. राज्य में खेल विश्वविद्यालय की स्थापना होगी.

महिलाओं पर सरकार का फोकस

वित्तमंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि महिलाओं को ब्याज मुक्त ऋ’ण दिया जाएगा. इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए 110 करोड़ रुपये दिए जाएंगे. क्षेत्रीय प्रशासन, पुलिस थाना, में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाई जाएगी. महिला उद्यमिता के लिए विशेष योजना लाया जाएगा. महिलाओं के लिए ब्याज मुक्त ऋण दिया जाएगा. उच्च शिक्षा में महिलाओं को बढ़ावा दिया जाएगा.

वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए बिहार का पूरा बजट 2,18,303 करोड़ का है, जिसमें स्किम मद से 1 लाख 518 करोड़ 86 लाख रुपये है. स्थापना और प्रतिबद्ध व्यय का बजट आकर 1 लाख 17 हजार 783 करोड़ 84 लाख रुपये है. 

युवाओं के लिए कई योजना

वित्त मंत्री तारकिशोर प्रसाद ने कहा कि ये बजट सर्वांगीण विकास का बजट है. सरकार ने कोरोना लॉकडाउन के दौरान बाहर फंसे राज्य के लोगों को 1000 रुपये देने की काम किया. रेल श्रमिक गाड़ी से राज्य के बाहर फंसे लोगों को लाया गया. गरीबों को DBT के जरिये 1000 रुपये भेजे गए, तीन महीने की अग्रिम वृद्धा पेंशन की सुविधा, बिहार में कोरोना के रिकवरी रेट में लगातार सुधार हो रहा है. 

डिप्टी सीएम ने कहा कि बिहार के विकास के लिए साल 2015 में सरकार ने सात निश्चय योजना की शुरुआत की. पिछले 5 साल में सरकार ने निर्धारित लक्ष्य को पाने के लिए काफी काम किया. बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत सरकार ने एक लाख 15 हजार 116 छात्र-छात्राओं के आवेदन स्वीकृत किये गए हैं. अब तक एक लाख 2 हजार 871 स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड निर्गत किये गए हैं. 

कुशल युवा कार्यक्रम के तहत 17,5,398 आवेदन आये हैं. 10,4,147 आवेदकों को ट्रेनिंग दी गई है. इस योजना के लिए 702 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं. आरक्षित रोजगार महिलाओं का अधिकार योजना के तहत महिलाओं को 35% आरक्षण दिया जा रहा है. हर घर बिजली योजना के तहत राज्य सरकार द्वारा ग्रामीण क्षेत्रों के सभी घरों को बिजली उपलब्ध करा दी गई है. 

हर घर नल का जल योजना के तहत 58,167 वार्डों में काम शुरू कर 56143 वार्डों में काम पूरा कर लिया गया है. घर तक पक्की गली-नाली योजना के तहत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा कुल 114469 वार्डों में काम शुरू किया गया, जिसमें 114248 वार्डों में काम पूरा किया गया है. शौचालय निर्माण घर का सम्मान के तहत ग्रामीण विकास विभाग द्वारा सभी 8386 पंचायत ओडीएफ घोषित किये गए. 

अवसर बढ़े आगे पढ़े योजना के तहत 36 अनुमंडलों में एएनएम संसथान खोले गए. 12 जिलों में जीएनएम संस्थान स्थापित किये गए हैं. 12 जिलों में पारा मेडिकल कॉलेज खोले गए हैं. 3 नए मेडिकल खोलने की प्रक्रिया जारी है. वित्तीय वर्ष 2021-22 के बजट से आम जनता को काफी राहत मिलने की संभावना है. बजट में स्वास्थ्य और शिक्षा पर सबसे ज्यादा फोकस किया गया है. 

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