कानपुर : आरोग्य भारती, कानपुर प्रांत के तत्वावधान में आयोजित तीन सप्ताह के ऑनलाइन योग प्रशिक्षण एवं अभ्यास वर्ग के प्रथम सप्ताह के छठवें दिन मुख्य वक्ता बेंगलुरु से डॉ. विनय सिंह (राष्ट्रीय संयोजक, भारतीय स्वास्थ्य चिंतन, आरोग्य भारती एवं चिकित्सा विशेषज्ञ, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण ) ने ” योग से प्रतिरोधक क्षमता कैसे बढ़ाएं” विषय पर अपने वक्तव्य में कहा कि पूर्व में हमारे देश में वि’षाणु जनित बी’मारियां नहीं थीं। उसका कारण लोगों की प्रतिरोधक क्षमता का अच्छा होना था।

ऐसी होनी चाहिए दिनचर्या

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि अगर प्रतिरोधक क्षमता ठीक है तो कोरोना वायरस युक्त मरीज 5 से 6 दिन में ठीक हो जाते हैं। प्रतिरोधक क्षमता ठीक करने के लिए रात का भोजन सूर्यास्त से पूर्व करना है, जिससे लिपिड प्रोफाइल ठीक रहता है। सोने के एक घंटा पूर्व टीवी, मोबाइल और लैपटॉप से दूर हो जाएं। आधा घंटा टहलें, भ्रामरी एवं नाद योग के साथ ध्यान करें और धीरे-धीरे निद्रा योग में पहुंच जाएं। 

सुबह 4:00 बजे उठकर बिना कुल्ला किए एक गिलास गुनगुने पानी के साथ दो गिलोय घनवटी खाएं। एक घंटा योगासन, प्राणायाम, ध्यान करें। 10 मिनट भ्रामरी प्राणायाम करने से कोशिकाओं में नाइट्रिक ऑक्साइड बनता है, जिससे विषाणु मर जाता है। यह किसी भी विषाणु जनित बीमारी के लिए रामबाण है । 10 मिनट मकरासन करने से ऑक्सीजन स्तर बढ़ता है।

योग से वायरस रहेगा दूर

इसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरसों का तेल लगाकर धूप में बैठने से विटामिन ‘डी’ की कमी पूरी होती है। इसके उपरांत स्नान करके हल्का नाश्ता करना है। नीबू शिकंजी, तरबूज, खरबूजा, पपीता खाने से विटामिन ‘सी’ एवं जिंक की पूर्ति होती है। भोजन भी हल्का एवं सुपाच्य करने से प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

योग प्रशिक्षिका आयुषी कटियार ने त्रिकोणासन, सूर्य नमस्कार, वृक्षासन, मकरासन, मंडूकासन, शशकासन, उत्तानपादासन, शवासन, भस्त्रिका, कपालभाति, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी प्राणायम का अभ्यास कराया। डॉ. सीमा द्विवेदी ने प्रत्याहार का संक्षिप्त परिचय कराया। योगाचार्य डॉ. राजीव नयन शर्मा ने नाद द्वारा ध्यान योग का अभ्यास कराया।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. नीरज शर्मा ने भगवान धन्वंतरि जी की पूजन से किया। अध्यक्षता प्रांत अध्यक्ष सुनील बाजपेयी, संचालन प्रांत सचिव डॉ. अनोखे लाल पाठक और धन्यवाद श्रीनाथ द्विवेदी ने किया। तकनीकी सहयोग डॉ. अमित कुमार और शिवेन्द्र वर्मा ने किया।

प्रमुख रूप से क्षेत्र संयोजक पूर्वी उत्तर प्रदेश गोविन्द जी, डॉ. देवेश तिवारी, डॉ. अंगद सिंह, डॉ. भक्ति विजय शुक्ला, इटावा से डॉ. इंदुबाला मिश्रा, झांसी से डॉ. संजय शर्मा प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

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