पटना : मंगलवार को एकबार फिर नीतीश कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें कुल 10 ए’जेंडों पर मु’हर लगी है। इस बैठक में नीतीश सरकार ने प्रदेश के समुचित विकास को लेकर नयी रूपरेखा खींची है और अहम फैसला लिया है।

कैबिनेट की बैठक में बड़े फैसले

नीतीश कैबिनेट की बैठक में पंचायत प्रतिनिधियों को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। परामर्शी समिति के गठन वाले प्रस्ताव पर कैबिनेट की मुहर लगी है। सरकार के इस फैसले के बाद अब पंचायत के मुखिया का पदनाम प्रधान परामर्शी समिति ग्राम पंचायत होगा। प्रधान परामर्शी समिति वो सारे काम करेगी, जो एक चुने गये मुखिया करते हैं।

इसी तरह तरह प्रखंड पंचायती राज पदाधिकारी, अंचल निरीक्षक और प्रखंड समन्वयक कार्यकारी समिति में सरकार के प्रतिनिधि के रूप में समिति की बैठक में मौजूद रहेंगे। इन्हें वोटिंग का अधिकार नहीं होगा। योजनाओं में अनियमितता को रोकने और विभाग के संज्ञान में लाने की जिम्मेदारी होगी।

इसके साथ ही नीतीश सरकार ने एक और बड़ा फैसला लेते हुए बिहार पुलिस मुख्यालय के दंगा विरोधी वाहनियों को विकसित करने के लिए विभिन्न प्रकार के वाहनों की खरीदारी के लिए 36 करोड़ 41लाख 20 हजार की स्वीकृति दी है। सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना के लिए 64 हजार 942 लाख रुपये और मनरेगा के लिए 53 हजार 351 लाख रुपये की स्वीकृति दी है।

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