SPORTS DESK : क्रिकेट के महान बल्लेबाज सचिन रमेश तेंदुलकर ने क्रिकेट की 22 गज की पट्टी पर 24 सालों तक राज किया है लेकिन क्रिकेट के सरताज को आज भी अपने इंटरनेशनल करियर में दो चीजों का म’लाल है, जिसका जिक्र कर वे अ’फसोस जताते हैं।

सचिन को है इसका म’लाल

अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट करियर में 34 हजार से अधिक रन बनाने वाले सचिन तेंदुलकर का उस दिन बड़ा सपना सच हुआ था, जब साल 2011 में मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में भारत ने श्रीलंका को वर्ल्ड कप के फाइनल में ह’राया था और ट्रॉफी पर क’ब्जा जमाया था लेकिन बकौल सचिन तेंदुलकर, उन्हें ताउम्र अपने बैटिंग हीरो सुनील गावस्कर के साथ नहीं खेलने का म’लाल रहेगा।

100 शतक का रिकॉर्ड बनाने वाले सचिन तेंदुलकर की माने तो वे उनके करियर की शुरुआत के कुछ दिन पहले ही वे रिटायर्ड हुए थे लिहाजा सुनील गावस्कर के साथ खेलने का मौका नहीं मिला। वहीं, दूसरा म’लाल ये है कि वे अपने दूसरे हीरो वेस्टइंडीज के धा’कड़ बल्लेबाज विव रिचर्ड्स के खि’लाफ कभी नहीं खेल पाए।

दूसरा म’लाल है ये

हालांकि ये मौका काउंटी क्रिकेट में जरूर मिला है लेकिन इंटरनेशन क्रिकेट में एकबार भी वे एक-दूसरे के खि’लाफ नहीं खेल पाए हैं। बकौल सचिन, मुझे अब भी उनके खि’लाफ एक इंटरनेशनल मैच नहीं खेल पाने का म’लाल है। भले ही रिचर्ड्स साल 1991 में रिटायर्ड हुए और हमारे करियर में कुछ साल ओवरलैपिंग के हैं लेकिन हमें एक-दूसरे के खि’लाफ खेलने का मौका नहीं मिला।

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