ENTERTAINMENT DESK : बीते कुछ सालों में शॉर्ट फिल्मों का ऐसा चलन शुरू हुआ है कि ये शॉर्ट फ़िल्में आज हमारे जीवन का अभिन्न अंग बन चुकीं है। इन फिल्मों की अच्छी बात यह है कि एक तो कम लागत में बनती है और दूसरा दर्शकों को, जीवन में चल रही वास्तविकता से भी रू-ब-रू भी कराती है। यही वजह है की आज शॉर्ट फिल्मों ने एक इंडस्ट्री का रूप ले लिया है और अब पैरेलल सिनेमा के तौर पर काम कर रही है।

नये कलाकारों ने दिखाया हुनर

शॉर्ट फिल्मों में नये-नये कलाकारों और निर्देशकों को अपना हुनर दिखाने का तो मिलता ही है। साथ ही इंडस्ट्री ने अब तक बॉलीवुड को कई नये कलाकार और निर्देशक भी दिए हैं,  जिन्होंने अपने करिअर की शुरुआत शॉर्ट फिल्मों से की थी और अब बॉलीवुड में उनकी अपनी पहचान हैं। अब तो शॉर्ट फिल्म्स को लेकर भी फिल्म फेस्टिवल भी होने लगे हैं। कई ऐसी शॉर्ट फ़िल्में है, जिन्होंने अंतर्राष्ट्रीय फिल्म समारोह में न सिर्फ एंट्री ली बल्कि अवार्ड भी हासिल किया।

‘एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ में हुआ चयन

ऐसी ही एक शॉर्ट फिल्म ‘Rape Me’ का चयन ‘एशियन इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल’ (Asian international film festival) में हुआ है। सेमीफाइनल राउंड मे पहुंची इस फिल्म की स्क्रीनिंग 6 सितम्बर को बर्लिन में की गयी है। यह फिल्म रोलिंग कैमरा फिल्म्स (Rolling camera films) बैनर के द्वारा बनाई गई है।

फिल्म में मुख्य भूमिका के रूप में शील कालिया, शालिनी मिश्रा हैं। साथ ही बतौर सह कलाकार पल्लवी राणा, उत्सव दास, हिमांशु सिंह और साहिल चावला है। फिल्म का लेखन और निर्देशन विक्रम विवेक द्वारा किया गया है। Rape Me को प्रोड्यूस किया है गीतांजलि विवेक ने और फ़िल्म के सहायक प्रोड्यूसर विकास गौड़ और मुकेश ढंडवाल हैं।

इस शॉर्ट फ़िल्म की खासियत यह है कि इसे बहुत ही काम वक़्त में बिना किसी तैयारी के बनाया गया था। निर्देशक विक्रम विवेक ने इस फ़िल्म को अपने छात्रों के साथ मिल कर एक प्रैक्टिकल प्रोजेक्ट कर तौर पर बनाया था लेकिन प्रोडक्शन क्वालिटी साधारण होते हुए भी इस फ़िल्म ने असाधारण उपलब्धि हासिल की है। इससे देश के अन्य उभरते हुए निर्देशकों को काफ़ी प्रोत्साहन मिलेगा। यह फ़िल्म यूट्यूब पर भी उपलब्ध है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here