पटना : बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर सूबे का सियासी पा’रा ग’रमा गया है। जी हां, तेजस्वी यादव द्वारा दिए गये बाबू साहेब वाले बयान पर बिहार की सियासत में तू’फा’न म’चा हुआ है। वि’रोधि’यों को तेजस्वी यादव को घे’रने का मौका मिल गया है लिहाजा तेजस्वी को अब सामने आकर इस बयान पर सफाई देनी पड़ी है।

तेजस्वी ने दी सफाई

तेजस्वी यादव ने मीडिया के सामने आकर सफाई देते हुए कहा है कि मुझे पता था कि ये मु’द्दे को भ’टका’ना चाहेंगे लेकिन इनकी दाल गलने वाली नहीं है। तेजस्वी ने सवालिया ल’हजे में पूछा कि सुशासन बाबू कौन है? एसडीओ बाबू कौन है? बड़ा बाबू-छोटा बाबू कौन है? जनता जब ब्लॉक और थाने जाती है तो बिना “चढ़ावे” के कोई काम नहीं होता। जाति प्रमाण-पत्र और मृ’त्यु प्रमाण-पत्र बनवाने में भी च’ढ़ावा देना पड़ता है। बड़का साहेब और छोटका साहेब कौन है? ये अधिकारियों को ही तो कहा जाता है। उनकी ये टिप्पणी किसी जा’ति वि’शेष के खिलाफ नहीं थी।

नीतीश कुमार पर साधा नि’शा’ना

तेजस्वी ने स्पष्ट कहा कि नि’चले स्तर से लेकर ऊपर के सचिवालय स्तर तक क’रप्श’न भ’रा हुआ है। फिलहाल कुछ लोग ह’ता’शा का परिचय दे रहे हैं क्योंकि उन्हें पता है कि उनका जाना तय है। विदित है कि तेजस्वी यादव ने एक सभा को संबोधित करते हुए कहा था कि “जब लालूरा’ज था, तब गरीब सीना ता’न के “बाबू साहेब” के आगे चलता था।” तेजस्वी के इसी बयान पर अब सियासत ते’ज हो गयी है और वि’रो’धी दल इसे भु’ना’ने की कोशिश में जुट गये हैं।

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