गुमला : झारखण्ड में एक स’नसनीखे’ज मा’मला सामने आया है। दरसअल, विश्वभर में तेजी से फैल रही वैश्विक म’हामारी कोरोना वायरस की दवा खोजने में साइंटिस्ट जुटे हुए हैं तो दूसरी तरफ झारखण्ड के गुमला में अं’धविश्वास के जरिए कोरोना को ठीक किया जा रहा है। गुमला के बिशुनपुर प्रखंड में अं’धविश्वास तेजी से फैल रहा है। इस गांव में लोग कोविड वैक्सीन नहीं लगवा रहे, जबकि कोरोना संक्रमित होने पर ओझा-गुणी के च’क्कर लगा रहे है।

ओझा के भरोसे कोरोना मरीज

ताजा मा’मला बिशनपुर प्रखंड के बनालात गांव का है। यहां पर प्रखंड प्रशासन को जानकारी मिली कि एक युवक की त’बीयत ख’राब है और बी’मार युवक के परिजन 3 ओझा को घर पर ही बुलाकर झा’ड़-फूं’क करवा रहे हैं। बिशनपुर प्रखंड के बनालात गांव में एक बी’मार युवक का 34 ओझा झा’ड़-फूं’क कर रहे थे। मा’मले की जानकारी मिलते ही प्रखंड विकास पदाधिकारी चंदा भट्टाचार्य मौके पर पहुंचीं, जिसे देख वहां मौजूद लोग भा’ग खड़े हुए। 

वहीं, बी’मार युवक को आ’नन-फा’नन में अस्पताल में जां’च के लिए भेज दिया गया। गौरतलब है कि ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना को लेकर अं’धविश्वास फैला हुआ है कि कोरोना की वैक्सीन लेने से त’बीयत कई माह तक ख’राब हो जाती है और मौ’त भी हो जाती है, जिस कारण ग्रामीण अपने स्तर पर घर पर ही ओ’झा-गुणी करवा रहे है।

स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं पर ह’मला

वहीं, दूसरा मा’मला मंजीरा गांव का है, जहां पर टीकाकरण करने गए स्वास्थ्य कार्यकर्ता और ANM को ग्रामीणों ने गांव में घु’सते देख घं’टा बजाकर इकट्ठा हो गये और वहां से लोगों को ख’देड़ दिया। इसकी जानकारी मिलने के बाद प्रखंड प्रशासन मौके पर पहुंची और लोगों का समझाने का काम कर रही है।

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